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राजस्थान के किसानों की चमकेगी किस्मत, एक साथ आ गई ये दो Good News

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अगर आप राजस्थान के किसान हैं या आपके घर में कोई खेती करता है — तो यह खबर आप 5 मिनट का time निकालकर ज़रूर पढ़ें। क्योंकि जो दो बड़ी खबरें आई हैं, वो आपकी जेब और आपकी खेती दोनों के लिए game-changer साबित हो सकती हैं। एक तरफ सरकार लाखों किसानों को free और subsidized बीज दे रही है, तो दूसरी तरफ 51 हजार से ज़्यादा किसानों के bank accounts में सीधे ₹46 करोड़ से ज़्यादा का मुआवजा पहुंच चुका है। पूरी detail नीचे है।

Good News #1: 2.60 लाख किसानों को मिलेंगे Free और Subsidized बीज

राजस्थान को दालों और खाद्य तेलों के production में देश का नंबर one state बनाने का goal लेकर भजनलाल सरकार मैदान में उतर चुकी है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में announce किया कि Central Government की ‘National Mission on Edible Oil – तिलहन एवं दलहन’ योजना के तहत राजस्थान को ₹135 करोड़ की राशि मिली है — और यह पूरा खर्च Central Government उठाएगी, किसान की जेब से कुछ नहीं जाएगा।

इस योजना के under राज्यभर के 2 लाख 60 हजार चुने हुए किसानों को आने वाले बुवाई सीजन के लिए top quality certified बीज या तो बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे, या फिर बेहद सस्ती subsidized rate पर।

किन फसलों के बीज मिलेंगे?

सरकार ने जिन फसलों को इस scheme में शामिल किया है, वो राजस्थान की climate के हिसाब से बिल्कुल सही choice है:

दलहनी फसलें: मूंग, उड़द और अरहर — ताकि दालों का production बढ़े और किसान को बाजार में अच्छा दाम मिले।

तिलहनी फसलें: सोयाबीन, सरसों, तिल और अरंडी — खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए।

यह initiative इसलिए भी important है क्योंकि बाजार में मिलने वाले नकली या घटिया बीजों की वजह से किसान का पूरा season बर्बाद हो जाता है। Government certified बीज देकर उस risk को हटा रही है।

सिर्फ बीज नहीं, खेती सिखाएगी भी सरकार

बीज बांटना अकेला solution नहीं है — कृषि मंत्री ने यह बात खुद कही। इसीलिए पूरे राज्य में 70,000 फसल प्रदर्शन (Crop Demonstrations) करवाए जाएंगे, जहां agricultural scientists खुद खेतों पर जाकर farmers को modern farming techniques बताएंगे।

बीज distribution पूरी तरह transparent रखी जाएगी — Raj Kisan Sathi Portal और ग्राम पंचायतों के through होगी ताकि कोई भी बीच में commission न खाए और actual farmer तक बीज पहुंचे।

Good News #2: सवाई माधोपुर में ₹47 करोड़ का रिकॉर्ड मुआवजा

दूसरी good news उन किसानों के लिए है जिनकी खरीफ 2025 में बाढ़ और अतिवृष्टि की वजह से फसल चौपट हो गई थी। सवाई माधोपुर में Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) के तहत एक बड़ा milestone हासिल हुआ है।

जिला कलेक्टर काना राम की directly monitoring में agriculture department और insurance company की joint teams ने drone survey और scientific crop cutting experiments के ज़रिए नुकसान का सटीक आकलन किया। इसके बाद ₹47 करोड़ 33 लाख की record claim amount approve हुई।

इसमें से अब तक 51,370 किसानों के bank accounts में ₹46 करोड़ 28 लाख directly DBT के through transfer हो चुके हैं। बाकी किसानों का पैसा technical verification के बाद जल्द ही आएगा।

पिछले साल से कितना ज़्यादा मिला?

Numbers देखें तो फर्क साफ दिखता है:

  • खरीफ 2024 में मिला मुआवजा: ₹35 करोड़ 44 लाख
  • खरीफ 2025 में मिला मुआवजा: ₹47 करोड़ 33 लाख

यानी लगभग ₹12 करोड़ ज़्यादा — और यह तभी possible हुआ जब किसान खुद जागरूक हुए और time पर अपनी फसलों का insurance registration करवाया।

किसानों की ज़ुबानी — क्या कहता है इनका अनुभव?

मेरवाल सिंह (ग्राम कुश्तला): उन्होंने 2023 से फसल बीमा शुरू किया था। खरीफ 2025 में ₹5,315 का premium भरा — और बदले में खाते में ₹1,81,000 आए। उनका कहना है कि इस पैसे ने संकट के वक्त पूरे परिवार को संभाला।

ग्राम खिजूरी के एक किसान: 5.5 एकड़ ज़मीन पर सिर्फ ₹3,800 premium भरा और बदले में ₹1,06,000 का मुआवजा मिला। उनकी appeal है — “भाइयों, बीमा ज़रूर करवाओ।”

भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री गजानंद जाट ने खुद बताया कि उड़द की फसल खराब होने पर उन्हें ₹50,000 से ज़्यादा का claim मिला। उन्होंने सभी किसानों से कहा कि फसल खराब होते ही 72 घंटे के भीतर सूचना दें ताकि claim में कोई अड़चन न आए।

खरीफ 2026 का Insurance: 1 जुलाई से शुरू होगा Registration

अगर पिछली बार आप बीमा करवाने से चूक गए थे — तो अब मौका है। कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए नया schedule जारी किया है:

Registration Period: 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक

KCC या bank loan वाले किसान: उनका बीमा bank branch के through automatically हो जाएगा।

बिना loan वाले किसान: PMFBY Portal, नज़दीकी ई-मित्र केंद्र, CSC center या insurance company representative से apply करें।

Premium: Notified फसल की total insured amount का सिर्फ 2% — बाकी सरकार भरती है।

ज़रूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, bank passbook copy, जमाबंदी/खसरा नंबर, बुवाई प्रमाण-पत्र और self-declaration।

जिला कलेक्टर की appeal है — last date का इंतज़ार मत करो, 1 जुलाई से ही apply करो।

आखिर में — किसान को क्या करना चाहिए?

दो बातें clear हैं — पहली, free बीज scheme का फायदा उठाने के लिए Raj Kisan Sathi Portal पर नज़र रखें और ग्राम पंचायत से contact में रहें। दूसरी, फसल बीमा अब option नहीं बल्कि ज़रूरत है। ₹3,000-5,000 का premium भरकर अगर लाख रुपये का security net मिलता है — तो इससे बेहतर investment किसान के लिए और क्या होगी?

राजस्थान सरकार इस बार सिर्फ announcements नहीं कर रही — पैसा directly bank accounts में पहुंच रहा है। यह एक positive signal है।

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